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आध्यात्मिकता (Spirituality) का संबन्ध मनुष्य के आंतरिक जीवन से है और इसकी शुरुआत होती है-- उसकी अंतर्यात्रा से। वे सभी गतिविधियाँ, जो मनुष्य को परिष्कृत, निर्मल बनाती हैं, आनन्द से भरपूर करती हैं, पूर्णता का एहसास देती हैं, वे सब आध्यात्म के अन्दर आती हैं ।
Spirituality is related to the inner life of man and it begins with his inner journey. All those activities, which make man refined, pure, full of joy, give a feeling of completeness, they all come under spirituality.
आध्यात्मिकता मनुष्यस्य आन्तरिकजीवनेन सह सम्बद्धा अस्ति तथा च तस्य आन्तरिकयात्रायाः आरम्भः भवति। तानि सर्वाणि कार्याणि, ये मनुष्यस्य परिष्कृतं, शुद्धं, आनन्दपूर्णं च कुर्वन्ति, पूर्णतायाः भावः ददति, ते सर्वे आध्यात्मिकतायाः अधः आगच्छन्ति।
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