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Culture

 


भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है। भारत की संस्कृति दुनिया की सबसे पुरानी संस्कृति है, जिसे लगभग 5000 वर्ष प्राचीन माना जाता है। भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
सभ्यता को शरीर व संस्कृति को आत्मा माना जाता है, यें एक-दूसरे के पूरक होते है। संस्कृति इस समाज को सभ्य बनती है। किसी भी देश के आदर्श व जीवनयापन का तरीका ही उसकी संस्कृति होती है।
भारत की संस्कृति में धार्मिक संस्कार एवं मान्यताएं है। लोग अपने धर्म के अनुसार परम्पराओं का पालन करते है। भारत समृद्ध संस्कृति वाला देश है, जिसकी सभ्यता से बड़ी सभ्यता कोई नहीं है।
संस्कृति एक समाज की ताकत होती है। वह एक समाज को जोड़कर रखने का कार्य करती है। संस्कार एक व्यक्ति को जीवन जीने का सही तरीका सिखाती है।यें संस्कार हमारी पूंजी होते है, जो मनुष्य को सभ्य बनाते है। यें सामाजिक एकता को बढ़ावा देते है। हमारे देश की संस्कृति हमारें इतिहास को दर्शाती है।

India is a country of various cultures. The culture of India is the oldest culture in the world, believed to be about 5000 years old. Indian culture is famous all over the world.
Civilization is considered as the body and culture as the soul, they complement each other. Culture makes this society civilized. The ideal and way of living of any country is its culture.
Indian culture has religious rites and beliefs. People follow the traditions according to their religion. India is a country with a rich culture, whose civilization has no greater civilization.
Culture is the strength of a society. She does the work of keeping a society together. Sanskar teaches a person the right way to live life. These sanskaras are our capital, which make a human being civilized. They promote social unity. The culture of our country reflects our history.

भारतं विविधसंस्कृतीनां देशः अस्ति । भारतस्य संस्कृतिः विश्वस्य प्राचीनतमा संस्कृतिः, प्रायः ५००० वर्षपुराणी इति मन्यते । भारतीयसंस्कृतिः सम्पूर्णे विश्वे प्रसिद्धा अस्ति ।
सभ्यता शरीरं संस्कृतिश्च आत्मा इति मन्यते, ते परस्परं पूरकाः भवन्ति। संस्कृतिः अस्य समाजस्य सभ्यतां जनयति। कस्यचित् देशस्य आदर्शः जीवनपद्धतिः च तस्य संस्कृतिः एव ।
भारतीयसंस्कृतेः धार्मिकसंस्काराः, विश्वासाः च सन्ति । जनाः स्वधर्मानुसारं परम्परां अनुसरन्ति । भारतं समृद्धसंस्कृतियुक्तः देशः, यस्याः सभ्यतायाः महती सभ्यता नास्ति ।
संस्कृतिः समाजस्य बलम् अस्ति। समाजं एकत्र स्थापयितुं कार्यं सा करोति। संस्कारः व्यक्तिं जीवनस्य सम्यक् मार्गं शिक्षयति।एताः संस्काराः अस्माकं राजधानी सन्ति, येन मनुष्यः सभ्यः भवति। ते सामाजिकैकतां प्रवर्धयन्ति। अस्माकं देशस्य संस्कृतिः अस्माकं इतिहासं प्रतिबिम्बयति।

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